सुगम संगीत

ग़ैर-फ़िल्मी गीत

शुक्रवार, मार्च 25, 2005

कौन जतन करूँ रूठे पिया

The song is enchantingly sung by the Ustaad duo from Jaipur.

कौन जतन करूँ, रूठे पिया
अगन लगी है मोरे जिया ||स्थायी||

पी के मिलन की आस न टूटे
नैनन माँहि बसो रसिया ||१||

कोयल कूके, कोंपल झूमे
ठंढी पवन चले, लरजे जिया ||२||

हिल-मिल खेलें संग सहेली
को संग खेले बिरहनिया ||३||

In ISB format:

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\stitle{kaun jatan karuu.N ruuThe piyaa}%
\film{(Non-Film)}%
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\singer{Ahmed Hussain, Mohammed Hussain}%
\music{Ahmed Hussain-Mohammed Hussain}%
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% Tags: virah Semi-Classical
% Audio on:
% Contributor: Vinay P Jain
% Transliterator: Vinay P Jain
% Date: 25 Mar 2005
% Series: Sugam Sangeet
% Comments:
% generated using www.giitaayan.com
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\printtitle
#indian
%
kaun jatan karuu.N, ruuThe piyaa
agan lagii hai more jiyaa ||sthaayii||

pii ke milan kii aas na TuuTe
nainan maa.Nhi baso rasiyaa ||1||

koyal kuuke, ko.npal jhuume
Tha.nDhii pawan chale, laraje jiyaa ||2||

hil-mil khele.n sa.ng sahelii
ko sa.ng khele birahaniyaa ||3||
%
#endindian
\endsong

7 Comments:

  • At 12:05 am, Blogger अनुनाद सिंह said…

    हाय महादुख पाये सखा हम , आये इतै न कितै दिन खोये ।


    अनुनाद

     
  • At 10:11 am, Blogger Vinay said…

    अनुनाद,

    इन चिट्ठों (एक दो और भी हैं, कड़ियाँ देखें) की जानकारी हिंदी ब्लॉग जगत में सार्वजनिक न करने का दोषी मैं हूँ। एक तो यूँ कि मैं इसे बस लेखागार के तौर पर प्रयोग कर रहा था और दूसरे पिछले कई दिनों से कुछ लिखना भी नहीं हुआ। पर अब आपने पता देख ही लिया है तो आते रहिये। मैं कोशिश करूँगा कि यहाँ हलचल होती रहे।

     
  • At 4:20 am, Blogger Debashish said…

    इनको खोजने का श्रेय तो मैं अवश्य लूँगा :)

     
  • At 2:46 am, Blogger सागर नाहर said…

    आदरणीय विनय जी
    जय जिने्न्द्र
    आपस एक जानकारी चाहिये कि गीतायन पर आईट्रान्स से यूनिकोड में बदलने के लिये तो एक टूल है, पर क्या कोई ऐसा भी टू्ल है जो यूनिकोड हिन्दी (देवनागरी) को आईट्रान्स में बदल दे? क्यों कि मेरे पास बहुत से गीत हैं जो गीतायन पर तो नहीं है पर मैने अपने महफिल ब्लॉग पर लगाये हैं, और वे यूनिकोड में है। अब मैं उनें गीतायन पर लगाना चाहता हूँ, और गीतायन पर गीत चढ़ाने के लिये उन्हें आईट्रान्स में टाइप करना बहुत मुश्किल लग रहा है।
    क्या यह संभव है या कोई और आसान तरीका है जिससे में गीतायन पर गीत चढ़ा सकूं।
    हाँ और Adyaakshari (Nagari) पर देवनागरी में गीत चढ़ाने के लिये भी कोई तरीका नहीं दिखा।
    धन्यवाद

    --
    सागर चन्द नाहर (जैन)
    ॥दस्तक॥
    तकनीक
    गीतों की महफिल

     
  • At 2:47 am, Blogger सागर नाहर said…

    sagarnahar et gmail.com

     
  • At 12:31 pm, Blogger DR.MANISH KUMAR MISHRA said…

    प्रिय हिंदी ब्लॉगर बंधुओं ,
    आप को सूचित करते हुवे हर्ष हो रहा है क़ि आगामी शैक्षणिक वर्ष २०११-२०१२ के दिसम्बर माह में ०९--१० दिसम्बर (शुक्रवार -शनिवार ) को ''हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' इस विषय पर दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है. विश्विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा इस संगोष्ठी को संपोषित किया जा सके इस सन्दर्भ में औपचारिकतायें पूरी की जा चुकी हैं. के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजन की जिम्मेदारी ली गयी है. महाविद्यालय के प्रबन्धन समिति ने संभावित संगोष्ठी के पूरे खर्च को उठाने की जिम्मेदारी ली है. यदि किसी कारणवश कतिपय संस्थानों से आर्थिक मदद नहीं मिल पाई तो भी यह आयोजन महाविद्यालय अपने खर्च पर करेगा.

    संगोष्ठी की तारीख भी निश्चित हो गई है (०९ -१० दिसम्बर२०११ ) संगोष्ठी में आप की सक्रीय सहभागिता जरूरी है. दरअसल संगोष्ठी के दिन उदघाटन समारोह में हिंदी ब्लागगिंग पर एक पुस्तक के लोकार्पण क़ी योजना भी है. आप लोगों द्वारा भेजे गए आलेखों को ही पुस्तकाकार रूप में प्रकाशित किया जायेगा . आप सभी से अनुरोध है क़ि आप अपने आलेख जल्द से जल्द भेजने क़ी कृपा करें . आलेख भेजने की अंतिम तारीख २५ सितम्बर २०११ है. मूल विषय है-''हिंदी ब्लागिंग: स्वरूप,व्याप्ति और संभावनाएं ''
    आप इस मूल विषय से जुड़कर अपनी सुविधा के अनुसार उप विषय चुन सकते हैं

    जैसे क़ि ----------------
    १- हिंदी ब्लागिंग का इतिहास

    २- हिंदी ब्लागिंग का प्रारंभिक स्वरूप

    ३- हिंदी ब्लागिंग और तकनीकी समस्याएँ
    ४-हिंदी ब्लागिंग और हिंदी साहित्य

    ५-हिंदी के प्रचार -प्रसार में हिंदी ब्लागिंग का योगदान

    ६-हिंदी अध्ययन -अध्यापन में ब्लागिंग क़ी उपयोगिता

    ७- हिंदी टंकण : समस्याएँ और निराकरण
    ८-हिंदी ब्लागिंग का अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

    ९-हिंदी के साहित्यिक ब्लॉग
    १०-विज्ञानं और प्रोद्योगिकी से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग

    ११- स्त्री विमर्श से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग

    १२-आदिवासी विमर्श से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग

    १३-दलित विमर्श से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग
    १४- मीडिया और समाचारों से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग
    १५- हिंदी ब्लागिंग के माध्यम से धनोपार्जन

    १६-हिंदी ब्लागिंग से जुड़ने के तरीके
    १७-हिंदी ब्लागिंग का वर्तमान परिदृश्य
    १८- हिंदी ब्लागिंग का भविष्य

    १९-हिंदी के श्रेष्ठ ब्लागर

    २०-हिंदी तर विषयों से हिंदी ब्लागिंग का सम्बन्ध
    २१- विभिन्न साहित्यिक विधाओं से सम्बंधित हिंदी ब्लाग
    २२- हिंदी ब्लागिंग में सहायक तकनीकें
    २३- हिंदी ब्लागिंग और कॉपी राइट कानून

    २४- हिंदी ब्लागिंग और आलोचना
    २५-हिंदी ब्लागिंग और साइबर ला
    २६-हिंदी ब्लागिंग और आचार संहिता का प्रश्न
    २७-हिंदी ब्लागिंग के लिए निर्धारित मूल्यों क़ी आवश्यकता
    २८-हिंदी और भारतीय भाषाओं में ब्लागिंग का तुलनात्मक अध्ययन
    २९-अंग्रेजी के मुकाबले हिंदी ब्लागिंग क़ी वर्तमान स्थिति

    ३०-हिंदी साहित्य और भाषा पर ब्लागिंग का प्रभाव

    ३१- हिंदी ब्लागिंग के माध्यम से रोजगार क़ी संभावनाएं
    ३२- हिंदी ब्लागिंग से सम्बंधित गजेट /स्वाफ्ट वयेर


    ३३- हिंदी ब्लाग्स पर उपलब्ध जानकारी कितनी विश्वसनीय ?

    ३४-हिंदी ब्लागिंग : एक प्रोद्योगिकी सापेक्ष विकास यात्रा

    ३५- डायरी विधा बनाम हिंदी ब्लागिंग

    ३६-हिंदी ब्लागिंग और व्यक्तिगत पत्रकारिता

    ३७-वेब पत्रकारिता में हिंदी ब्लागिंग का स्थान

    ३८- पत्रकारिता और ब्लागिंग का सम्बन्ध
    ३९- क्या ब्लागिंग को साहित्यिक विधा माना जा सकता है ?
    ४०-सामाजिक सरोकारों से जुड़े हिंदी ब्लाग

    ४१-हिंदी ब्लागिंग और प्रवासी भारतीय


    आप सभी के सहयोग क़ी आवश्यकता है . अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें



    डॉ. मनीष कुमार मिश्रा
    हिंदी विभाग के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय

    गांधारी विलेज , पडघा रोड
    कल्याण -पश्चिम, ,जिला-ठाणे
    pin.421301

    महाराष्ट्र
    mo-09324790726
    manishmuntazir@gmail.com
    http://www.onlinehindijournal.blogspot.com/
    http://kmagrawalcollege.org/

     
  • At 4:24 pm, Blogger The Vadhiya said…

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